| 31 |
शालिवाहन कालीन सांस्कृतिक पर्यटन गलियारे का विकास |
1582 |
लिखित |
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डॉ. अजित माधवराव गोपछड़े |
H-usq.1582 for 12.02.2026.pdf
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| 32 |
स्वदेश दर्शन 2.0 |
1583 |
लिखित |
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श्री गोला बाबूराव |
H-usq.1583 for 12.02.2026.pdf
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| 33 |
राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के रूप में बंगस घाटी |
1581 |
लिखित |
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श्री चौधरी मोहम्मद रमजान |
H-usq.1581 for 12.02.2026.pdf
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| 34 |
अत्यधिक पर्यटन का आकलन |
1580 |
लिखित |
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श्रीमती रंजीत रंजन, श्री हारिस बीरन |
H-usq.1580 for 12.02.2026.pdf
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| 35 |
पर्यटन सर्किटों के कार्य-निष्पादन की समीक्षा |
1579 |
लिखित |
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श्री संजय सेठ |
H-usq.1579 for 12.02.2026.pdf
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| 36 |
पर्यटन सुधार |
1578 |
लिखित |
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श्रीमती साधना सिंह, श्री सुजीत कुमार |
H-usq.1578 for 12.02.2026.pdf
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| 37 |
जैन पर्यटन सर्किट का विकास |
1577 |
लिखित |
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सुश्री स्वाति मालीवाल |
H-usq.1577 for 12.02.2026.pdf
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| 38 |
कन्वेंशन प्रमोशन ब्यूरो की स्थापना |
1576 |
लिखित |
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श्री सुरेन्द्र सिंह नागर, श्री सदानिंद महालू शेट तानवड़े |
H-usq.1576 for 12.02.2026.pdf
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| 39 |
महाराष्ट्र में तीर्थयात्रा अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण |
1575 |
लिखित |
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डा. भागवत कराड़ |
H-usq.1575 for 12.02.2026.pdf
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| 40 |
पर्यटन के लिए नई पहलें |
1574 |
लिखित |
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श्री तेजवीर सिंह |
H-usq.1574 for 12.02.2026.pdf
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